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यूनिवर्सिटी कॉलेज के प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में तरुण कुमार और प्रदुन कुमार को द्वितीय स्थान

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08 दिसम्बर 2023, हिंदी विभाग , यूनिवर्सिटी कॉलेज , तिरुवनंतपुरम द्वारा त्रिदिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के अंतर्गत शोध छात्रों के लिए प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में हिंदी विभाग केरल केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रदुन कुमार और तरुण कुमार ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में यूनिवर्सिटी कॉलेज ने 110 अंकों के साथ प्रथम , केरल केन्द्रीय विश्वविद्यालय ने 90 अंकों के साथ द्वितीय और सरकारी विमेंस कॉलेज ने 80 अंकों के साथ तृतीय स्थान प्राप्त किया। तरुण कुमार और प्रदुन कुमार को पुरस्कार के रूप में 4000/ रुपये नगद दिया गया।  विख्यात   साहित्यकार   भगवानदास   मोरवाल   के   साथ   केरल   केंद्रीय   विश्वविद्यालय   के   शोध   छात्र   प्रदुन ,  तरुण   और   आदित्य प्रतिभागिता करते केरल केंद्रीय विश्वविद्यालय के शोध छात्र हिन्दी विभाग एवं शोध केन्द्र , सरकारी विमेंस कॉलेज , तिरुवनंतपुरम की डॉ . राखी के साथ शोध छात्र प्रदुन , तरुण और आदित्य हिन्दी विभाग , यूनिवर्सिटी कॉलेज , तिरुवनंतपुरम में डॉ . श्रीकला ...

लेखक ही रोजगार की नींव है- अरूण माहेश्वरी

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16 नवंबर 2023, केरल केंद्रीय विश्वविद्यालय के हिंदी एवं तुलनात्मक साहित्य विभाग में "हिंदी रोजगार: लेखक, प्रकाशक,प्रकाशन और पाठक" विषय पर एक बोधगम्य कार्यक्रम प्लेसमेंट सेल के अंतर्गत आयोजित किया गया जिसमें मुख्य वक्ता 'वाणी फाउंडर' के प्रबंध निदेशक श्री अरूण महेश्वरी जी रहे। कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत समारोह से हुई। एम ए के विद्यार्थियों ने सभी मेहमानों को फूल प्रदान कर स्वागत किया।       स्वागत अभिभाषण में  पूर्व विभागाध्यक्ष एवं वरिष्ठ आचार्य प्रोफेसर तारु एस पवार ने सभी का स्वागत करते हुए रोजगार प्रकोष्ठ की शुरुआत से लेकर अब तक की यात्रा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस कार्यक्रम की शुरूआत से लेकर अब तक जिन्होंने भी प्रत्यक्ष - अप्रत्यक्ष रूप से जो भागीदारी निभाई है वो सराहनीय हैं तथा उन सभी का हिंदी भाषा विभाग की ओर बहुत बहुत स्वागत व अभिनंदन।     सत्र की अध्यक्षता हिंदी विभागाध्यक्ष प्रोफेसर मनु जी ने की। अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने कहा कि- 'जो हमारे पास नहीं है वो ही हम अपनी जिंदगी का मकसद समझते हैं इसलिए ही जिंदगी हार का अफसाना है।'  उ...

‘ई-पत्रिका पोर्टल नॉटनल का उपयोग’ (Application of e–magazine portal NotNul) प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन

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08 नवम्बर 2023, हिंदी विभाग, केरल केंद्रीय विश्वविद्यालय में शोध मंच के अंतर्गत ‘ई-पत्रिका पोर्टल नॉटनल का उपयोग’ (Application of e–magazine portal NotNul) प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता हिंदी विभाग के अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) मनु ने किया। पोर्टल के डायरेक्टर नीलाभ श्रीवास्तव ने नॉटनल का परिचय देते हुए बताया कि आज इस पोर्टल पर 5000 के आस-पास पुस्तकें और 125 पत्रिकाओं के 2500 अंक मौजूद हैं। अलग-अलग विश्वविद्यालयों में 25 से अधिक संस्थान इसका लाभ उठा रहे हैं। पोर्टल के निदेशक ने छात्रों को बताया कि हम इसे निरंतर नई तकनीक के माध्यम से अपडेट करने का प्रयास कर रहे हैं और इसमें छात्रों की प्रतिक्रिया बहुत ही महत्वपूर्ण है। केरल केंद्रीय विश्वविद्यालय ने इस ई-पत्रिका पोर्टल को अपने पुस्तकालय के माध्यम से छात्रों को उपलब्ध कराया है जिसके लिए इससे जुड़े सभी अधिकारी और छात्र धन्यवाद के पात्र हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान छात्रों को उनके मोबाइल और लैपटॉप पर नॉटनल के एप्लीकेशन का उपयोग हेतु व्यवहारिक जानकारी देते हुए उनकी आशंकाओं का समाधान किया गया। इससे पूर्व कार्यक्र...

कालजयी कृति 'मधुशाला' के महत्त्व और प्रासंगिकता पर चर्चा-परिचर्चा आयोजित

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           दिनांक 01 नवंबर 2023,  केरल केंद्रीय विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में हिंदी-परिषद्   के तत्वाधान में हरिवंशराय बच्चन जी की कालजयी कृति ' मधुशाला ' के महत्त्व और प्रासंगिकता पर चर्चा - परिचर्चा आयोजित हुई। इस परिचर्चा में हिंदी विभाग के सभी विद्यार्थी , शोधार्थी और अध्यापकों की उपस्थिति रही । इसकी अध्यक्षता हिंदी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो . डॉ . मनु ने की। चर्चा - परिचर्चा में बच्चन जी के काव्य संग्रह ' मधुशाला ' के शीर्षक व महत्त्व के व्यापक अर्थों पर दृष्टि डाली गयी। विभागाध्यक्ष प्रो . डॉ . मनु ने मधुशाला में मंदिर - मस्जिद का विभेदीकरण कर एकता व प्रेम को स्पष्ट किया। हिंदी परिषद् के सह-संयोजक डॉ. राम विनोद रे ने मधुशाला काव्य की पृष्ठभूमि को भारतीय राष्ट्रीय स्वतंत्रता आंदोलन तथा तत्कालीन राजनीतिक परिस्थितियों के अर्थ में जोड़कर देखने की एक दृष्टि प्रस्तुत की। जिसमें बंगला साहित्यकार रवींद्रनाथ टैगोर , सुकुमार सेन का उल्लेख करते हुए गांधी और हिंदी साहित्य में छायावाद , स्वच्छंदतावाद , हालावाद के महत्त्व के समान्तर गर्म दल और नरम...

भाषा संस्कृति की पहचान जिसे अगली पीढ़ी को सौंपना हमारी जिम्मेदारी- प्रो. के. सी. बैजु

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  दिनांक 31 अक्टूबर 2023, केरल केंद्रीय विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में 'संवाद पथ' कार्यक्रम 'प्रेम और हिंदी' विषय पर आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम का आरंभ विश्वविद्यालय कुलगीत से हुआ। विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलपति कार्यक्रम के उद्घाटक प्रो. के. सी. बैजु ने अपने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि अपनी कमियों को पहचान कर ही हम आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित कर सकते हैं। आज के समय में बाजार के लिए भाषा जरूरी है और हिंदी उस जरूरत की पूर्ति का सबसे बड़ा माध्यम है। उन्होंने त्रिभाषा सूत्र के क्रियान्वयन पर बल देते हुए कहा कि दक्षिण भारत में हिंदी को बढ़ाने के हर संभव प्रयास विश्वविद्यालय की ओर से किए जाएंगे। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने गुजरात में बिताए गए समय के अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम का स्वागत संबोधन हिंदी विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो० (डॉ.) तारु एस. पवार ने करते हुए विश्वविद्यालय के स्वर्गीय कुलपति प्रो. एच. वेंकेश्ववरलू के सपने को साकार होता हुआ बताया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए हिंदी विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर मनु ने कहा कि दुनिया में केवल एक भाषा है और वह है प्यार की ...

उग जाती है कविता दिल तले- प्रो. मनु

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दिनांक 18 अक्टूबर 2023, सरकारी वोकेशनल हायर सेकंडरी स्कूल, मोग्राल, कासरगोड में त्रिदिवसीय कला एवं खेल के प्रतियोगी कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाध्यापक श्री. अब्दुल बशीर ने की। इस अवसर पर हिन्दी विभाग केरल केंद्रीय विश्वविद्यालय के विभागाध्यक्ष प्रो.(डॉ॰) मनु मुख्य अतिथि के तौर पर वहाँ उपस्थित हुए।  उनके अतिरिक्त अन्य कई स्कूलों के अध्यापकों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज की। प्रो.(डॉ॰)  मनु ने कार्यक्रम का शुभारंभ एवं आतिथ्य दायित्व का निर्वहन अपने ओजस्वी वचनों से किया। इन्होंने भारतीय संस्कृति की गरिमा को बचाने की बात कही और वहाँ उपस्थित अनेक छात्र- छात्राओं से सांवादिक लहजे में अपना संबंध स्थापित किया।मलयालम गीतों एवं वहाँ उपस्थित बच्चों के मन में लेखन की निर्माण क्षमता को जंगली पशु-पक्षियों की कहानियों को सुनाकर पहचानने एवं उन्हें अपनी लेखनी की शुरुआत के लिए उन्होंने प्रेरित किया और कहा कि खुद की रूचि को पहचानने की कोशिश जरूरी है और आपकी भाषा, आपके भाव सबकुछ में प्रेम का होना अति आवश्यक है। अपने परिवार  , गुरूजनों से आप सीखते हैं और इनसे सीखन...

विश्व में केवल एक ही भाषा है, वह है प्यार की भाषा- प्रो. मनु

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20 अक्तूबर 2023, केरल केंद्रीय विश्वविद्यालय के भाषाविज्ञान विभाग द्वारा संगम रिसर्च फोरम के तहत एक सेमिनार 'A first touch with MATLAB' का सफल आयोजन किया गया।  भाषाविज्ञान के  विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) राममूर्ति ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए मंच पर उपस्थित अध्यक्षीय भाषण के लिए हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. मनु और कंप्यूटर साइंस के आचार्य प्रो. डॉ. राजेश आर. का स्वागत किया।  कार्यक्रम के आगे बढ़ने की दिशा में हिन्दी विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) मनु ने अंग्रेजी भाषा में अपना वक्तव्य देते हुए हिन्दी, अंग्रेजी, उर्दू और तमिल भाषाओं में शब्दों की समानता और उनके भिन्न-भिन्न अर्थों को बताते हुए भाषाओं की सुंदरता से अवगत करवाया। उन्होंने बताया कि विश्व में केवल एक ही भाषा है- वह है प्यार की भाषा।  उच्च शिक्षा में बच्चों में एक-दूसरे से बेहतर करने, तुलना और प्रतियोगिता करने से उनके जीवन में शांति खत्म हो जाती है, इसीलिए ईर्ष्या का भाव मन में नहीं होना चाहिए। सभी के पास अपनी एक विशेष योग्यता है। उन्होंने बताया कि 'आप कौन हैं'  यह ज्यादा मायने नहीं रखता बल्कि 'आप कहां है'...