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पीएच. डी. के शोधर्थियों की सत्रांत खुली प्रस्तुति

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16 जुलाई 2025, हिन्दी विभाग केरल केन्द्रीय विश्वविद्यालय में पीएच. डी. के शोधर्थियों की सत्रांत खुली प्रस्तुति कक्ष संख्या - 213 में अपराह्न 02.30 बजे सेआयोजित की गयी-  प्रिया कुमारी-    साहित्यिक तथ्य विश्लेषण (शेखर जोशी की कहानियों के आधार पर)  बाबूलाल उराँव-  कुँड़ुख़ शब्द का अर्थ, उत्पत्ति तथा कुँड़ुख़ भाषा की परिभाषा और संक्षिप्त परिचय  प्रियंका बी. जवंजाल-   स्वतंत्रता पूर्व दलित आन्दोलन (समता/जाति प्रथा उन्मूलन) प्रदुन कुमार-  ममता कालिया का ‘दौड़’ उपन्यास : आजीविका सन्दर्भ मंच संचालन हिन्दी विभाग की शोधार्थी श्राव्या वी और धन्यवाद ज्ञापन योई जामो ने किया।  

शोधार्थियों की सत्रांत खुली प्रस्तुति

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09 जुलाई 2025, हिन्दी विभाग केरल केन्द्रीय विश्वविद्यालय में पीएच. डी. के शोधर्थियों की सत्रांत खुली प्रस्तुति कक्ष संख्या - 213 में अपराह्न 02.30 बजे सेआयोजित की गयी-  धन राज- उपन्यासों में किसान और ऋण : समस्या और समाधान  आदित्य- हिंदी ग़ज़ल : एक सफ़र इलियास मोहम्मद (तीसरी प्रस्तुति)- लोक और समाज की अंतः संबंधात्मक क्रिया प्रक्रिया।   योयी- अरुणाचल प्रदेश की आदी जनजाति की उप-जनजाति ‘मिन्योङ’ बोली का व्याकरणिक स्वरूप

प्रथम वर्ष स्नातकोत्तर विद्यार्थियों के लिए 'प्रवेश कार्यक्रम' 2025 का आयोजन

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4 जुलाई 2025, केरल केंद्रीय विश्वविद्यालय के हिंदी एवं तुलनात्मक साहित्य विभाग में प्रथम वर्ष स्नातकोत्तर विद्यार्थियों के लिए 'प्रवेश कार्यक्रम' 2025 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर (डॉ) मनु द्वारा की गई।  कार्यक्रम की शुरुआत में औपचारिक स्वागत विभाग के सहायक आचार्य डॉ धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने किया। इसके बाद नवागंतुक विद्यार्थियों ने परिचय दिया। तत्पश्चात स्नातकोत्तर द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों व शोधार्थियों ने अपना परिचय देते हुए अपने अनुभव साझा किए। विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ मनु ने अपने संबोधन में कहा कि- इस विश्वविद्यालय का भौतिक और शैक्षिक वातावरण बहुत ही सुंदर एवं उच्च गुणवत्तापूर्ण है, जिसका पूरा-पूरा लाभ आप सभी को उठाना चाहिए। विभिन्न राज्यों के शोधार्थी यहां होने से आपको बहुत कुछ सीखने को मिलेगा।  अभिभावक संयोजक (PTA Coordinator) व शोध मंच की कोऑर्डिनेटर डॉ सुप्रिया पी ने विभाग में होने वाले शोध से संबंधित कार्य को सविस्तार समझाया। प्लेसमेंट सेल की कोऑर्डिनेटर डॉ सीमा चंद्रन ने विगत वर्षों में इस विभाग के शोधार्थी-विद्यार्थियो...

शोधार्थी रोहित जैन की पी. एचडी. मौखिकी सम्पन्न

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26 मई 2025, हिन्दी विभाग, केरल केन्द्रीय विश्वविद्यालय के शोधार्थी रोहित जैन  (Reg.  LHC071901) की पी. एचडी. मौखिकी सम्पन्न हुई। रोहित जैन ने हिन्दी विभाग की सहायक आचार्य डॉ. सीमा चंद्रन के निर्देशन में   'भाषा और संरचना की दृष्टि से विनोद कुमार शुल्क का कथा-साहित्य : एक अध्ययन' (A Study on Language and Structure of Vinod Kumar Shukl's Fiction) विषय पर अपना शोध कार्य पूर्ण किया। मौखिकी की अध्यक्षता तमिलनाडु केन्द्रीय विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग की प्रो. एस. वी. एस. एस. वी नारायण राजू ने की। मौखिकी के दौरान केरल केन्द्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति, हिन्दी विभागाध्यक्षऔर भाषा संकाय के अधिष्ठाता उपस्थित थे। 

हिन्दी विभाग में पी. एच. डी. मौखिकी सम्पन्न

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  18 दिसंबर 2024, हिन्दी विभाग, केरल केन्द्रीय विश्वविद्यालय के शोधार्थी  प्रभांशु शुक्ल  (Reg.  LHC071704) की पी. एचडी. मौखिकी सम्पन्न हुई। प्रभांशु शुक्ल ने हिन्दी विभाग की सहायक आचार्य डॉ. सुप्रिया पी के निर्देशन में ' राकेश कुमार सिंह के कथा साहित्य में आदिवासी अस्मिता और विद्रोह' ( Rakesh Kumar ke Katha Sahitya men aadivasi asmita aur vidroh) विषय पर अपना शोध कार्य पूर्ण किया। मौखिकी की अध्यक्षता दिल्ली विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग की प्रो. सुधा सिंह ने की। 

केरल ज्योति पत्रिका के विशेषांक ‘शोध धरोहर’ का विमोचन

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17 मार्च 2025, केरल केंद्रीय विश्वविद्यालय, ‘हिंदी एवं तुलनात्मक साहित्य विभाग’ द्वारा ‘शोध धरोहर’ (केरल ज्योति) विमोचन समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का संचालन एम. ए प्रथम वर्ष की छात्रा प्रत्युषा प्रमोद ने किया। इस कार्यक्रम की शुरुआत कुलगीत से हुई। स्वागत भाषण प्रो (डॉ) तारु एस पवार द्वारा दिया गया जिसमें आपने क्रमशः प्रभारी कुलपति प्रो विन्सेंट मेथ्यू, हिन्दी विभागाध्यक्ष प्रो (डॉ) मनु, अकादमिक अधिष्ठाता प्रो अमृत जी कुमार, कुलसचीव डॉ एम मुरलीधरन, अधिष्ठाता प्रो जोसेफ कोइपल्ली, पूर्व अधिष्ठाता प्रो राजीव वी (मलयालम विभाग), आई. क्यू. ए. सी. निदेशक प्रो ए माणिकवेलु, डॉ सीमा चंद्रन, डॉ राम बिनोद रे एवं डॉ सुप्रिया पी का स्वागत किया। इसके पश्चात् दीप प्रज्ज्वलित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन प्रोफेसर विंसेंट मैथ्यू (प्रभारी कुलपति, केरल केंद्रीय विश्वविद्यालय) ने किया। आपने बताया कि केरल ज्योति पत्रिका को सिर्फ एक पत्रिका तक सीमित न रखा जाए, बल्कि इसे दक्षिण भारत की गिनी-चुनी पत्रिकाओं में से एक बनाया जाए। आपने विस्तार पूर्वक बताया कि ज्ञान को कैसे उद्घाटित किया जाए। इसके पश्...