दिनांक 21 नवंबर 2025, केरल केंद्रीय विश्वविद्यालय का हिंदी एवं तुलनात्मक साहित्य विभाग अपनी अकादमिक उत्कृष्टता और शोधपरक वातावरण के लिए निरंतर प्रतिबद्ध रहा है। इसी कड़ी में विभाग के लिए वर्तमान समय अत्यंत गौरव और हर्ष का विषय बन गया है। विभाग की सहायक आचार्या डॉ. सुप्रिया पट्टेरी ने अपनी बहुआयामी प्रतिभा से न केवल विश्वविद्यालय का मान बढ़ाया है बल्कि अपनी एक विशिष्ट पहचान भी अंकित की है। रचनात्मक लेखन और अकादमिक अनुसंधान के क्षेत्र में डॉ. सुप्रिया के योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर रेखांकित किया गया है। साहित्य के प्रचार-प्रसार और सृजनात्मक लेखन को प्रोत्साहित करने वाली अग्रणी संस्था ‘ ऑल इंडिया पोएटस कॉन्फ्रेंस ’ ( All India Poetess Conference) ने उनके कार्यों को मान्यता देते हुए 21-22-23 नवम्बर 2025 को ए.आई.पी.सी. के रजत जयंती के अवसर पर गुवाहाटी , असम में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में उन्हें प्रतिष्ठित ‘ कौड़े आंडाल पुरस्कार ’ (Kaude Andal Award ) से सम्मानित किया है। ...
5-6 मार्च 2025 को , हिन्दी एवं तुलनात्मक साहित्य विभाग , केरल केंद्रीय विश्वविद्यालय द्वारा ‘हिंदी साहित्य में पर्यावरण : हरित संवाद’ विषय पर दो-दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी का उद्देश्य हिंदी साहित्य में पर्यावरणीय चेतना और हरित विमर्श को केंद्र में रखते हुए सार्थक संवाद स्थापित करना था। हरित संवाद की इस दो दिवसीय यात्रा में देशभर के दस से अधिक विश्वविद्यालयों से शोधार्थियों और विद्यार्थियों का प्रतिनिधित्व रहा और 38 से अधिक शोध प्रपत्र प्रस्तुत किए गए। दस से अधिक विषय विशेषज्ञों ने अपने ज्ञान से संगोष्ठी को समृद्ध करते हुए महत्वपूर्ण ज्ञानवर्धक वक्तव्य दिया। उदघाटन सत्र प्रिया कुमारी (शोधार्थी , हिन्दी विभाग , केरल केन्द्रीय विश्वविद्यालय) द्वारा संचालित उदघाटन सत्र का शुभारंभ विश्वविद्यालय कुलगीत के साथ हुआ। प्रो. अमृत जी. कुमार (अकादमिक अधिष्ठाता) ने सहयोगी गणों के साथ दीप प्रज्वलन कर संगोष्ठी का उद्घाटन किया। प्रो. (डॉ.) तारु एस. पवार (हिन्दी विभाग , केरल ...
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